कुमार सौरभ
कुमार सौरभ

फिल्म लाल रंग से फिल्मी कैरियर की शुरत करने वाले अभिनेता कुमार सौरभ का कहना है कि ” जब तक आप अपने दिमाग में यह तय नहीं कर लेते की आपको क्या करना है? तब तक आप को किसी भी काम में सफलता नहीं मिल सकती है” आइए पढ़ते है कुमार सौरभ से बातचीत के संपादित अंश

कौन है कुमार सौरभ?

कुमार सौरभ एक अभिनेता है,जिनका जन्म 12 सितंबर 1989 को हरियाणा के फरीदाबाद जिले मै हुआ था। कुमार सौरभ मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले है।  प्रारम्भिक शिक्षा फरीदाबाद में संपन्न हुई तथा स्नातक तक कि शिक्षा इनकी कटिहार से ही पूर्ण हुई। इन्होंने स्कूल के दिनों से ही अभिनय शुरू कर दिया था। साल 2012-13 में इन्होंने मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय  डिप्लोमा प्राप्त किया। इसके बाद 2014 में इन्होंने मुंबई की तरफ रुख किया। इन्होंने फिल्म लाल रंग,ब्लैंक,वीरप्पन,बारात कंपनी,हाई, द फॉरेनर तथा वर्ष 2021 में रिलीज होने वाली फिल्म शमशेरा में भी काम किया है। इसके अतिरिक्त इन्होंने कई वेब सीरीज और शॉर्ट फिल्मों मै काम किया है। कुमार सौरभ एक बड़े फिल्म अभिनेता बनना चाहते है।

आपने अभिनय को ही कैरियर के लिए क्यों चुना?

मुझे अपने घर – परिवार और स्कूल से प्रेरणा मिली अभिनय करने के लिए, मैं केवल 5 साल की उम्र में जान गया था कि एनएसडी क्या है? और यह सब मेरे परिवार के कारण हुआ खास तौर पर मेरे पापा की सहायता से हुआ। अभिनय करने के लिए मुझे कभी भी आलोचना का सामना नहीं करना पड़ा। लोगों से मुझे इस काम को करने के लिए कभी भी निराशा नहीं मिली और बचपन से ही मेरे गांव हसनगंज के लोग मेरे स्कूल विद्या भारती चिल्ड्रेन स्कूल के लोग वहां के प्रिसिपल राकेश श्रीवास्तव सबका मेरे अभिनय के लिए योगदान रहा। जब किसी के दिमाग में बचपन से ही यह बात बैठने लगे कि तुम्हे एक्टर बनना है,तो फिर कोई भी एक्टर ही बनेगा। यही मेरे साथ हुआ। मुझे बचपन से ही ऐसा माहौल मिला की मैंने अपने कैरियर के लिए अभिनय को ही चुना।

आपके रोल मॉडल कौन है?

वैसे तो बहुत से अभिनेता मेरे रोल मॉडल की तरह है,लेकिन दिल में छाप केवल एक ही व्यक्ति की है और वह है चार्ली चैपलिन वहीं मेरे वास्तविक रोल मॉडल है। मैं उनके काम और उनके पूरे संघर्ष से सदैव प्रेरित होता रहता हूं। मेरे अंदर सदैव यह ललक रहती है कि में उनके जैसा बनू। बस मेरा यही एक मात्र लक्ष्य है।

कुमार सौरभ

आपके काम के पीछे आपके परिवार का कैसा सपोर्ट रहा है?

मेरे काम के पीछे मेरे परिवार का अपेक्षा से बहुत ज्यादा सपोर्ट मिला है। मेरे पापा मेरे भाई सबने मुझे बहुत सपोर्ट किया है। एक समय मेरे अंकल इस बात से नाराज़ थे कि में एक एक्टर बनना चाहता हूं,किंतू एक समय ऐसा भी आया जब हमारे जिले का स्थापना दिवस था और वहां पर हमने एक नाटक का मंचन किया। उस समारोह में जिले के सभी पदाधिकारी पधारे थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी ने है मेरे लिए तालियां बजाई। वहां के तत्कालीन एसपी ने मेरे परफॉर्मेंस को देखकर मुझे अपने घर पर डिनर के लिए भी आमंत्रित कर दिया। मेरे अंकल ने भी मेरे उस नाटक को देखा और तब से उन्होंने भी मुझे एक्टिंग के लिए छूट दे दिया । इस तरह से मेरे परिवार ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। मेरा परिवार जनता था कि मैं केवल एक्टर ही बन सकता हूं इसके अलावा मैं और कुछ नहीं कर सकता। इस लिए उन्होंने मेरा सपोर्ट अब तक किया है और आगे भी करते रहेंगे।

COVID-19 का आपके कैरियर पर क्या असर पड़ा?

COVID-19 महामारी का असर मेरे लिए ही नहीं अपितु सब पर बहुत बुरा असर पड़ा है। इसके कारण मेरी दो फिल्में अटकी हुई है यदि यह नहीं आया होता तो मेरी दो फिल्में अब तक रिलीज हो गई होती। अभी मेरे एक फिल्म का शूट भी नहीं पूरा हुआ है और मैं बड़ी दाढ़ी और लंबे बालों के लुक में ठहर गया हूं। मैं फिल्म के शूटिंग होने तक इस लुक को चेंज नहीं कर सकता,जब तक उसकी शूटिंग पूरी नहीं हो जाती तब तक मैं कोई नया काम नहीं ले सकता हूं। मेरे कई दोस्त मैंने इसी महामारी में को दिए है। मेरे कई दोस्तों ने मुंबई भी छोड़ दिया यदि मैं आपको बता दूं तो मुंबई में सबसे बड़ा चैलेंज एक्टर्स के लिए अपने घर का किराया निकालना होता है और इसी चैलेंज में मेरे कई सारे मित्र मुंबई छोड़कर घर रवाना हो गए। कईयों ने मेरे घर पर अपने समान भी रखे,मैंने इस कठिन परिस्थिति में अपने मित्रों की सहायता भी किया। जो लोग मुंबई छोड़कर घर जा रहे थे उनका समान लाकर अपने घर पर रखवाया। मैं ईश्वर से बस यही प्रार्थना करूंगा कि COVID-19 काल जल्द ही समाप्त है जाए और फिर से स्थिति सामान्य हो जाए ताकि हम खुलकर काम कर सके।

आप आगे कहां काम करना चाहते है?

मैं केवल एक्टिंग करना चाहता हूं,चाहे वह स्ट्रीट हो,स्टेज है या फिर ऑन कैमरा हो। मैं बस केवल काम करना चाहता हूं। माध्यम कोई भी हो मुझे बस अभिनय करना है। अपने कला का प्रदर्शन करना है। बाकी सब की ख्वाहिश होती है कुछ बड़ा करने की और वैसी ख्वाहिश मेरी भी है।

भारत प्रहरी

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