कृषि और उसका विकास

प्रस्तुत निबंध कृषि और उसका विकास के लेखक कलामुद्दीन अंसारी (KALAMUDDIN ANSARI) है,यह एक छात्र है,जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ग्राम असिलाभार के निवासी है।

कृषि क्या है?

कलामुद्दीन अंसारी

आमतौर पर कृषि एक मनुष्यों द्वारा किए जाने वाला प्राथमिक क्रिया है, जिसमें कृषि खेती और वानिकी के द्वारा क्रिया करके खाद्य पदार्थ और अन्य सामान का उत्पादन किया जाता है, भारत की जनसंख्या लगभग दो-तिहाई कृषि कार्यों पर निर्भर करती है कृषि कार्य को करने के लिए दो क्रियाएं शामिल की जाती है – प्राथमिक क्रिया और गौण क्रिया।

कृषि के द्वारा उत्पन्न फसलें

हमारे यहां कृषि के द्वारा उत्पन्न खाद्य फसलें निम्न है, जैसे – गेहूं ,चावल ,मोटे अनाज, ज्वार, बाजरा, रागी ,मक्का, दाले,  तिलहन, चाय, काफी और बागवानी फसलें आदि । इन सभी  फसलों को उत्पन्न  या फिर उगाने के लिए, फसल ऋतु  का भी ध्यान देना पड़ता है भारत में इसकी मुख्य तीन ऋतुएँ हैं रबी, खरीफ और जायद।

(1) – रबी फसल का उल्लेख- रबी फसल को उत्पादित करने के लिए ठंडी मौसम की आवश्यकता होती है, इसलिए रबी फसलों को शीत ऋतु में अक्टूबर से दिसंबर के बीच में ही बोया जाता है । जब रबी फसल तैयार हो जाता है, तो  ग्रीष्म ऋतु यानी कि गर्मी के अप्रैल से जून के महीनों में ही काट लिया जाता है।  

उदाहरण – गेहूं ,जौ ,मटर ,चना और सरसों 

(2) – खरीफ फसल का उल्लेख – खरीफ फसल को उगाने के लिए मानसून के आने के साथ-साथ मई ,जुलाई के महीनों में बोया जाता है और सितंबर , अक्टूबर के महीनों में काट लिया जाता है।

 उदाहरण- चावल ,मक्का ,ज्वार ,बाजरा ,मूंग ,कपास  जूट,मूंगफली और सोयाबीन।

(3) – जायद फसल का उल्लेख- जायद फसल की बुवाई ग्रीष्म ऋतु मार्च और जून में की जाती है। 

उदाहरण- खीरा ,तरबूज ,सब्जियां और चारा है।

कृषि उत्पादन  के उपाय क्या है?

कृषि में जो उत्पादित होता है उसे बढ़ाने के लिए निम्नलिखित उपाय हैं, आवश्यकतानुसार सिंचाई के समय सिंचाई की सुविधाओं में वृद्धि – विस्तार एवं समय – समय पर सिंचाई होना अत्यंत आवश्यक है। उन्नतशील बीजों एवं उर्वरकों की व्यवस्था एवं भूमि का संरक्षण तथा किसानों को बढ़िया से बढ़िया सुविधाएं उपलब्ध कराए जाएं, जिससे कि वह आसानी से उन्नतशील बीज एवं उर्वरकों तथा कृषि उपकरण खरीद सकें तथा कृषि ज्ञान को प्रसारित किया जाए।

कृषि उत्पादित वस्तुओं को बढ़ाने के लिए जंगली पशु एवं फसलों में लगने वाले कीटाणु तथा रोगों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है।

आधुनिक कृषि यंत्र एवं उपकरणों का प्रयोग किया जाना चाहिए, और छोटी-छोटी खेत एवं बिखरे खेत को चकबंदी के माध्यम से  एकत्रित कर देना चाहिए। जिससे खाद्य उत्पादन में अधिक वृद्धि के साथ – साथ हमारे किसान को ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती है । चकबंदी होने के पश्चात किसान एक ही बार में जुताई, बुआई एवं कटाई कर लेते हैं  अगर हम कृषि कार्य कर रहे हैं तो हमें उनकी अच्छी से देखभाल करनी चाहिए।

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