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प्रतिज्ञा 2,15 मार्च के पहले एपिसोड की कहानी का लिखित सारांश,जाने पहले एपिसोड की पूरी कहानी

प्रतिज्ञा 2,15 मार्च के पहले एपिसोड की कहानी का लिखित सारांश,जाने पहले एपिसोड की पूरी कहानी,पढ़े हिंदी में

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हम कभी – कभी अपना टीवी शो मिस कर देते है,वैसे ही कल लोगो मे बहुत प्रसिद्ध धारावाहिक मन की आवाज़ प्रतिज्ञा के दूसरे सीजन यानी मन की आवाज़ प्रतिज्ञा 2 का पहला एपिसोड टीवी पर प्रसारित किया गया। यदि आप लोगों ने किसी कारण से पहला एपिसोड मिस किया,तो आप उसकी पूरी कहानी यहां हिंदी में पढ़ सकते है। तो आइए पढ़ते है,प्रतिज्ञा 2 के पहले एपिसोड की पूरी कहानी।

प्रतिज्ञा 2: एपिसोड – 1 पहले दृश्य का सारांश

प्रतिज्ञा  2 के पहले दृश्य में कृष्णा नदी में नहा रहा होता है,प्रतिज्ञा उसे नदी से बाहर आने का आग्रह करती है। कृष्णा फिर नदी से बाहर आकर प्रतिज्ञा को यह बताता है,की मैं पूरे 12 साल बाद अपने पाप को धो रहे है। फिर कृष्णा अपने बच्चो को अपनी और प्रतिज्ञा की प्रेम कहानी बताने लगता है। कृष्णा अपने बेटे गर्व को अपनी और प्रतिज्ञा को कहानी बता ही रहा था,तभी प्रतिज्ञा अपनी बेटी कृति के बारे में पूछती है। कृति जहां खड़ी थी वहां कृति को नहीं पाने पर कृष्णा और प्रतिज्ञा दोनों ही बौखला जाते है,फिर कृति को इधर – उधर खोजने लगते है। 

कुछ देर बाद प्रतिज्ञा कृति को झुले पर एक गुंडे के साथ देखती है,कुछ देर के बाद ही गुंडा नीचे कृति को लेकर आता है,और प्रतिज्ञा को किसी केस की सुनवाई में कोर्ट ना जाने की नसीहत देकर धमकाता है,तभी प्रतिज्ञा उसे थप्पड़ मारकर यह कहती है,की उसके काम और परिवार को बीच में ना लाए,फिर गुंडा बौखला कर प्रतिज्ञा को मारने की कोशिश करता है,तभी कृष्णा वहां आकर उसकी धुनाई करने लगता है,और गुंडा वहां से भाग जाता है। जब सभी घर जाते है

प्रतिज्ञा 2: एपीसड – 1 दृश्य दो का सारांश

घर पहुंचने पर शक्ति प्रतिज्ञा को केस वापस लेने के लिए कहता है,लेकिन कृष्णा शक्ति को मना कर देता है। कुछ देर बाद सज्जन सिंह आते है,और शक्ति को डांटते है।  गर्व कृष्णा ने गुंडों को कैसे भगाया? यह सबको बताता है। 

प्रतिज्ञा रोती है,तो कृष्णा उसे समझाता है,की कुछ नहीं होगा,लेकिन प्रतिज्ञा अपने बच्चो को लेकर डरी हुई होती है। तभी वहां गर्व और कृति आते है,कृति कहती है,की गर्व उसे उसकी किताब नहीं दे रहा है,कृष्णा किताब कृति से लेकर गर्व को देता है। तभी प्रतिज्ञा आग्रह करती है,की गर्व यही सोए।

सुबह सब नाश्ता कर रहे होते है,तभी कोमल वहां गर्व के बारे में पूछती है,पर गर्व वहां नहीं होता है। वहीं शक्ति अपने बाप को अपराध कि दुनिया छोड़ देने पर कोसता है।

दूसरी तरफ प्रतिज्ञा अदालत में केस जीतकर बाहर निकलती है। तभी मीडिया वाले उससे पूछती है,की आप ऐसा केस कैसे जीतती है,तब प्रतिज्ञा कहती है कि उसे उसके परिवार से ताक़त मिलती है। फिर मीडिया वाले प्रश्न पूछते है,की यदि उनका परिवार अपराध करे ,तो क्या वह वकालत छोड़ देंगी। प्रतिज्ञा जवाब देती है,की मैं हमेशा सत्य और अहिंसा के खिलाफ रहूंगी और अपराध के खिलाफ केस लड़ती रहूंगी।

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