प्रतिज्ञा 2

प्रतिज्ञा 2 के 5 वें एपिसोड की कहानी पढ़े टीवी से पहले,वह भी हिंदी में। यह एपिसोड स्टार भारत पर आज रात 8.30 बजे प्रसारित किया जाएगा। आप इसे टीवी से पहले हॉट स्टार ऐप के वी आई पी सब्सक्रिप्शन के द्वारा खरीद सकते है।

प्रतिज्ञा 2 एपिसोड 5(19 मार्च) की पूरी कहानी,लिखित अपडेट के साथ

प्रतिज्ञा 2 के पांचवे एपिसोड की शुरुआत,चौथे एपिसोड के अंतिम दृश्य से होती है। जहां कृष्णा ने प्रतिज्ञा को थप्पड़ मारा था। प्रतिज्ञा कृष्णा के द्वारा थप्पड़ खाने के बाद बिना कुछ सवाल – जवाब किए वहां से तुरंत अंदर चली जाती है। उसके बाद पड़ोस की औरत कृष्णा को बोलती है,की कृष्णा भैया आपने बिल्कुल सही काम किया है। कृष्णा उस औरत को वहां से जाने को कहता है। जबकि कृष्णा की बेटी कृति कृष्णा को उलाहना देते हुए कहती है,की आपने मम्मी को थप्पड़ मारकर ठीक नहीं किया है। प्रतिज्ञा घर के अंदर प्रवेश करती है। जहां सभी परिवार वाले वाहन मौजूद होते है। प्रतिज्ञा का रोते हुए जाना,बिना किसी को कुछ बताए अपने कमरे में चले जाना। परिवार के किसी भी सदस्य को रास नहीं आता है। थोड़ी देर बाद कृष्णा घर के अंदर प्रवेश करता है। सज्जन सिंह उससे पूछ पड़ते है,की तुमने प्रतिज्ञा को क्या कहा? की वह हम सबसे बिना कुछ कहे कमरे में चली गई। कृष्णा सज्जन सिंह से फिर कहता है,की आप मेरे और प्रतिज्ञा के बीच में ना पड़िए। उसके बाद कृति भी घर के अंदर प्रवेश करती है। वह भी कृष्णा और प्रतिज्ञा के तरह बिना कुछ बताए अंदर चली जाती है।  

प्रतिज्ञा अपने कमरे में बैठी,कृष्णा के बदले हुए व्यवहार के बारे में सोच रही होती है। तभी उसे पुलिस स्टेशन का फोन आता है,की बलवंत त्यागी कोई सरकारी वकील नहीं रखना चाहता है,आप जाकर उनसे मिल लीजिए। प्रतिज्ञा बलवंत से मिलने जाने के लिए तैयार हो जाती है। दूसरी तरफ सज्जन सिंह टीवी रिमोट ढूंढते हुए दिखाई देते है। लेकिन उन्हें नहीं मिलता है, ठकुराइन और कोमल फिर सज्जन सिंह का मजाक उड़ाने लगते है,और उनसे आंख खुलाने की बात कहते है। प्रतिज्ञा तैयार होकर आती है,और सज्जन सिंह से पुलिस स्टेशन जाने की आज्ञा मांगती है। आगे प्रतिज्ञा नीचे अपने ड्राइवर को चलने को कहती है, उपर छत पर खड़ा कृष्णा प्रतिज्ञा को देखकर कहता है,की अब प्रतिज्ञा से भी कुछ जानकारी नहीं ले सकते ना जाने, कौन वकील बलवंत का केस लड़ेगा। यदि कोई सबूत मिलता तो अब तक पूरा खबर मिल जाता। कृष्णा भी बलवंत के घर जाने का निश्चय करता है।

उधर प्रतिज्ञा बलवंत के घर अंदर खड़ी रहती है,तभी वहां बलवंत की पत्नी आकर उसे समझाती है,की हम अपने बेटे के कातिल को पकड़ कर सजा दे देंगे। बलवंत त्यागी भी प्रवेश करता है,और प्रतिज्ञा को केस नहीं लड़ने के लिए कहता है। बलवंत प्रतिज्ञा से कहता है,की आपको हमारे चक्कर में पड़ने कि जरूरत नहीं है। प्रतिज्ञा बलवंत त्यागी से कहती है,की आप को हम न्याय दिलाएंगे और हम कभी भी इस केस में नहीं टूटेंगे। इस बात पर बलवंत प्रतिज्ञा से कहता है,चलिए कोई केस का ऐसा पहलू बताइए जो हम नहीं जानते हों। प्रतिज्ञा बलवंत त्यागी को बताया है,की इस ऐक्सिडेंट में मिली कार हमारे पड़ोसी की है,जो बहुत दिनों से बाहर है,लेकिन मेरी बात उनसे हो गई है। वह प्रयाग जल्द ही आ जाएंगे और केस समाप्त होने तक रहेंगे।

इसी बीच कृष्णा भी बलवंत त्यागी के घर पहुंचता है,और उसके भाई से बलवंत त्यागी के बारे में पूछता है। बलवंत का भाई कृष्णा को इंतजार करने को कहता और फिर कहीं चला जाता है। कृष्णा बलवंत के भाई के जाने के बाद सबूत खोजने लगता है। सबूत खोजते – खोजते वह एक कमरे में जाता है,जहां गुलदस्ता गिर जाता है। गुलदस्ता गिरने के बाद,बलवंत का एक आदमी आता है,और गुलदस्ता कैसे गिरता है?  छान बीन करता है,फिर चला जाता है। कृष्णा टेबल के नीचे छुपा रहता है। जिसके कारण वह आदमी उसे नहीं पाता है। दूसरी ओर प्रतिज्ञा द्वारा केस के इन सब पहलुओं को अकेले ही ढूंढ लेने से खुश होता है,और केस लड़ने के लिए इजाजत दे देता है। 

दूसरी ओर कृष्णा चश्मा खोजते – खोजते एक कमरे के कपबोर्ड से एक बैग निकालता है,उसमे कृष्णा को गर्व का चश्मा मिल जाता है। वह चश्मा पॉकेट में रखता है,और उस जगह की और बढ़ता है। जहां वह बैठा था।

इधर बलवंत प्रतिज्ञा से कहता है,की प्रयाग आने के बाद उसे दो है अच्छे आदमी मिलें। एक कृष्णा के बारे में कहता है,और दूसरा प्रतिज्ञा के बारे में कहता है। बलवंत त्यागी प्रतिज्ञा से कहता है,की तुम उस आदमी की मदद लो,लेकिन उसे कृष्णा का नाम नहीं याद आता है। फिर उसे याद आता है,की वह बाहर ही मेरा इंतजार कर रहा है,आप उससे मिल लीजिए। प्रतिज्ञा बलवंत त्यागी से आज्ञा मांगती है,की मैं उससे फिर कभी मिलूंगी। बलवंत उसे जाने की आज्ञा दे देता है। प्रतिज्ञा जैसे ही बाहर जाती है,कृष्णा भी वहां आ जाता है। प्रतिज्ञा को देखकर कृष्णा,सोफे के पीछे छुप जाता है। वह तुरंत बाहर जाने की कोशिश करता है,और बलवंत वहां आ जाता है,कृष्णा को रोक लेता है। बलवंत कृष्णा से उसका नाम पूछता है। कृष्णा उसे नाम बताता है,और केस का हाल चाल लेकर वहां से चला जाता है। कृष्णा को बलवंत से पता चलता है,की उसके केस की वकील प्रतिज्ञा है। कृष्णा तुरंत प्रतिज्ञा को खोजने वहां से निकाल जाता है।

इधर प्रतिज्ञा एक मंदिर में उदास बैठी होती है,वहां कृष्णा पहुंचता है, और प्रतिज्ञा को केस लड़ने से मना करने लगता है,और कहता है,की तुमने मुझसे बिना पूछे केस क्यों लिया? इस पर प्रतिज्ञा कृष्णा से जवाब देती है,की तुम मुझ पर हाथ कब से उठाने लगे? दोनों में केस के लिए बहस होती है,और प्रतिज्ञा केस लड़ने का फैसला कृष्णा को सुना कर मंदिर से बाहर आती है,फिर कृष्णा की कोई बात सुने बिना ही,जाने लगती है। एपिसोड खत्म हो जाता है।

भारत प्रहरी

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