31.1 C
Delhi
Saturday, July 31, 2021
ADVERTISEMENT

प्रतिज्ञा 2: 22 मार्च के एपिसोड की पूरी कहानी हिंदी लिखित अपडेट के साथ

प्रतिज्ञा 2 के 22 मार्च के एपिसोड की पूरी कहानी हिंदी में पढ़े,पूरे लिखित अपडेट के साथ। यह एपिसोड सोमवार 22 मार्च 2021। स्टार भारत पर रात 08.30 पर प्रसारित होगी।

प्रतिज्ञा 2: 22 मार्च के एपिसोड की पूरी कहानी,हिंदी में लिखित

प्रतिज्ञा 2 के 22 मार्च यानी आज के एपिसोड शुरुआत होती है,जब प्रतिज्ञा कृष्णा की बातों पर बिना ध्यान दिए घर में प्रवेश करती है,जहां पूरा परिवार होता है,प्रतिज्ञा किसी का जवाब दिए बिना ही अपने कमरे में चली जाती है। कृष्णा प्रतिज्ञा को पुकारता है रह जाता है,लेकिन प्रतिज्ञा उसकी बिना कोई बात सुने ही कमरा बंद कर लेती है।प्रतिज्ञा का इस तरह व्यवहार देख कर सज्जन सिंह कृष्णा से पूछते है,की क्या बात है? कृष्णा अपने पिता सज्जन सिंह से कोई बड़ी बात ना होने की बात कहकर बात टाल देता है।

कुछ देर बाद प्रतिज्ञा दरवाज़ा खोलती है और एक बैग में अपना सामान लेकर बाहर आती है। जिसे देखकर सब हैरान हो जाते है,की आखिर वह कहां जा रही है? सज्जन सिंह इस पर कृष्णा से पूछते है,की तुम तो कह रहे थे,कोई बात नहीं है,फिर यह घर क्यों छोड़ कर जा रही है? सज्जन सिंह फिर कृष्णा प्रतिज्ञा दोनों से पूछ पड़ते है,की आखिर बात क्या है? तब कृष्णा की बेटी कृति सबको बताती है,की पापा(कृष्णा) ने मम्मी(प्रतिज्ञा) को थप्पड़ मारा।

इस पर सज्जन सिंह एक दम गुस्सा हो जाते है,तो वहीं शक्ति सिंह इस बात पर बहुत खुश हो जाता है।फिर घर में सबमें इस बात की बहस शुरू हो जाती है,कोई कृष्णा को माफी मांगने की बात कहता है,तो कोई प्रतिज्ञा को रोकने कि कोशिश करता है। थोड़ी देर बाद सज्जन सिंह के कहने पर कृष्णा बिना मन के प्रतिज्ञा से माफी मांगने लगता है,फिर प्रतिज्ञा कृष्णा से कहती है,हमे कोई माफी नहीं चाहिए, खासतौर पर उस व्यक्ति से जिसे आपने गलती का एहसास ना हो।कृष्णा की मां प्रतिज्ञा को समझाती है,की पति गुस्से में यदि कभी मार देता है,तो ऐसी छोटी बात पर गुस्सा नहीं होते है। कोमल अपनी मां का इस बात पर विरोध करती है। वहीं दूसरी ओर शक्ति इस पूरी घटना का मजा लेता है,और कृष्णा को सही ठहराता है। शक्ति की इन हरकतों के कारण सज्जन सिंह उसे जूते से मारने की धमकी देता है,और बाहर जाने के लिए कहता है। शक्ति हसेट हुए बाहर चला जाता है।

शक्ति के बाहर जाने के बाद सज्जन सिंह प्रतिज्ञा से कहते है,की तुमने कोई गलती ही नहीं किया,तो फिर तुम क्यों घर छोड़कर जा रही हो? घर छोड़कर तो बाबा को जाना चाहिए? और यदि कोई घर छोड़कर जाएगा तो वह कृष्णा है। ठकुराइन इस बात पर सज्जन सिंह का विरोध करती है,किंतू सज्जन सिंह ठकुराइन को इस बात पर चुप रहने के लिए कहता है। उसके बाद सज्जन सिंह कृष्णा से घर छोड़कर जाने के लिए कहता है।जैसे ही कृष्णा घर छोड़कर जाने ले लिए मुड़ता है,उसका बेटा गर्व भी झट से तैयार हो जाता है,उसके साथ जाने के लिए। ठकुराइन अपने बेटे और पोते को बाहर जाने से रोकती है और प्रतिज्ञा को बखेड़ा खड़ा करने के लिए कोसती है। फिर सज्जन सिंह प्रतिज्ञा से घर छोड़कर ना जाने के लिए कहते है,और घर की मर्यादा बनी रहे इस लिए तुम बाहर मत जाओ। इस बात के लिए मानते है। सज्जन सिंह के विनती के कारण प्रतिज्ञा मां जाती है।

दूसरी तरफ एक दृश्य में दिखाई पड़ता है,बलवंत त्यागी का भाई धरा एक दुकानदार को मार रहा होता है,और बलवंत वहां कुर्सी पर बैठा होता है। वह दुकानदार वहीं व्यक्ति है, जिसकी गाड़ी से गर्व द्वारा हादसा हुआ था। फिर दूसरी ओर सज्जन सिंह के घर का दृश्य दिखाई पड़ता है,जहां सभी लोग अभी वहीं खड़े होते है। शक्ति वह पहुंचकर सबको बलवंत त्यागी द्वारा दुकानदार के मारपीट कि सूचना देता है,और बहुत खुश रहता है,की मेरी होलिका दहन सही से मने या ना माने उस दुकानदार की तो मन गई। सज्जन सिंह फिर शक्ति को डांटते है,और वह अंदर चला जाता है।

शक्ति के सूचना देने के बाद प्रतिज्ञा दौड़ती हुई, वहां जाती है। वहां पहुंचकर बलवंत त्यागी को मारपीट बंद करवाने के लिए कहती है। बलवंत मारपीट बंद कर देता है। फिर प्रतिज्ञा बलवंत को कहती हैं,की आप इस तरह कानून हाथ में नहीं ले सकते है,हम आपको कानून से न्याय दिलाएंगे। बलवंत कहता है,की फिर अपने कानून के दरवाजे खुला रखिए खूनी को अंदर डालने के लिए। प्रतिज्ञा कहती है,की लेकिन हम इस तरह से आप की मदद नहीं कर सकते जो भी होगा,वह कानून से होगा। दुकानदार की तरफ इशारा करते हुए कहती है,यदि यह भाईसाहब आपके खिलाफ शिकायत करें,तो आप लंबे समय तक जेल जा सकते है। प्रतिज्ञा के इस बात को जवाब देते हुए बलवंत त्यागी दुकानदार से कहता है,की क्या तुम ऐसा करोगे? दुकानदार कोई शिकायत नहीं करने को कहता है। तभी वहां कृष्णा आता है,को प्रतिज्ञा और बलवंत त्यागी से थोड़ी दूरी पर होता है, प्रतिज्ञा बलवंत त्यागी से कहती है,की को कुछ भी होगा,वह कानून के दायरे में ही होगा। बलवंत त्यागी इस बात पर प्रतिज्ञा से कहता है,की दायरा हर चीज का होता है,मैडम जी एक औरत को आदमी से बात कैसे करना है,इसका भी एक दायरा होता है।

कृष्णा इस बात पर बिल्कुल चिढ़ जाता है और तेजी वहां प्रतिज्ञा के पास आता है,और बलवंत त्यागी की और जाने के लिए दौड़ता है। प्रतिज्ञा कृष्णा को रोकने लगती है,फिर कृष्णा प्रतिज्ञा को लेकर घर जाता है और प्रतिज्ञा से कहने लगता है,की किसी और को ऐसे बात करने को हिम्मत कैसे हुई? कोई तुमसे ऐसे बात करे मुझे बर्दाश्त नहीं होता है। फिर प्रतिज्ञा कृष्णा को निराशा भरी नजरो से देखती है। कृष्णा फिर प्रतिज्ञा से कहता है,की तुम्हे लगता है,की मैं यह सब कैसे बोल सकता हूं? देखो मैंने तुम्हे मारा वह हक़ मेरा लेकिन कोई दूसरा तुम्हे बोले यह मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा,क्योंकि तुम्हे तकलीफ होती है,तो मुझे भी तकलीफ होती है। प्रतिज्ञा कृष्णा को जवाब देते हुए कहती हैं,की हम घर में रुक गए तो इसका मतलब यह नहीं कि मैंने तुम्हे माफ कर दिया फिर वहां से चली जाती है।

थोड़ी देर बाद देखने को मिलता है, कृष्णा प्रतिज्ञा को मनाता है,और यह केस नहीं लड़ने के लिए कहता है। प्रतिज्ञा केस ना लड़ने की बात से साफ तौर पर इनकार कर देती है। यह एपिसोड यहीं समाप्त हो जाता है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

9,997FansLike
45,000SubscribersSubscribe

Latest Articles