मैडम सर:  एपिसोड 212 की पूरी कहानी हिंदी में लिखित अपडेट के साथ || Madam Sir, Episode 212 Written Update In Hindi

एपिसोड शुरू होता है,जहां पर करिश्मा सिंह समेत सभी लोग हसीना मलिक को रेस्क्यू किए होते है,और वहीं से अनुभव सिंह के चप्पल और बंदूक जहां से मिलती है। हसीना मालिक की बातों का विश्वास करके सभी अनुभव सिंह को ढूंढते है,लेकिन वह नही मिलते है।

अगले दृश्य में सभी थाने में होते है,और अनुभव के बारे में सोच रहे होते है,तथा हसीना को अनुभव मालिक के बारे में याद दिलाने की कोशिश कर रहे होते है। तभी करिश्मा सिंह वहां आती है,और अनुभव के घर ना पंहुचने की सूचना देती है और सबको यह भी बताती है,की पुलिस कमिश्नर अनुभव सिंह के बारे के पूछ रहे थे। मैने उन्हे अपने साथ होने की बात कहकर टाल दिया है। फिर सभी सोचते है,की अनुभव सिंह के ड्राइवर ने ही हमे होली वाली जगह से गाड़ी में बैठाया था। उसको अनुभव सिंह के बारे में शायद पता हो।

सभी ड्राइवर के पास पहुंचते है,वह बताता है,की गाड़ी रास्ते में बिगड़ गई थी इसलिए मैंने हसीना मैडम और अनुभव सर को रास्ते में ही छोड़ दिया था। करिश्मा सिंह के पूछने पर कि गाड़ी में क्या समस्या थी? ड्राइवर उतर देता है,की गाड़ी पंक्चर हो गई थी। हसीना मलिक को याद आता है,की गाड़ी पंक्चर नही बल्कि तुमने गाड़ी में पेट्रोल ना होने की बात की थी। इस पर करिश्मा सिंह गुस्से में ड्राइवर से पूछती है,की सही – सही बताओ वास्तव में क्या हुआ था। ड्राइवर बताता है,की अनुभव सर ने ही गाड़ी कोई भी बहाना बताकर रोकने को कहा था। इसपर करिश्मा सिंह गाड़ी रुकने की जगह उस ड्राइवर से पूछते है,और वहां चले जाते है। वहां पहुंचने पर संतोष शर्मा को सीसीटीवी नजर आता है, जिसके बाद सभी सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए ट्रैफिक पुलिस का सहारा लेते है। सीसीटीवी में अनुभव एक आदमी से कुछ पूछ रहा होता है,और वह आदमी बिल्लू का परिचित था। बिल्लू उस आदमी से मिलने की बात करता है,सभी उसके साथ जाने लगते है। उसके बाद करिश्मा वापस आती है,और वीडियो को और आगे करने को कहती है,जिसमे वह देखती है,की नकली कयामत भी उन दोनो का पीछा कर रही होती है। 

बिल्लू के कहने पर सभी उस आदमी के पास जाते है,जिसने अनुभव को रास्ता बताया था। वह बताता है,की उसने हलवाई के दुकान का रास्ता बताया था। तब जाकर मैडम सर को याद आता है,की उन्हे भूख लगी थी,इसीलिए उन्होंने हलवाई के दुकान का रास्ता पूछा था। फिर सब लोग हलवाई की दुकान पर पहुंचते है। हलवाई कहता है,की आपने मेरे दुकान पर कब शोर भी मचाया था,और मेरे पैसे भी नहीं दिए,फिर वह हलवाई मैडम सर से पैसे लेता है,और बताता है की वह दुकान से की ओर आगे बढ़े थे।

इधर थाने में चीता और पुष्पा सिंह के पास पुलिस कमिश्नर का फोन बार बार आता है,चीता अनुभव सिंह बनकर बात करता है,और 1 घंटे में ऑफिस में हाजिर होने की बात कहता है। कमिश्नर कहते है,यदि 1 घंटे में तुम नहीं पहुंचे तो फिर हम वहा पहुंच जाएंगे।

इधर सभी लोग वहां पहुंचते है,जहां हसीना मालिक को सबने पाया था,हसीना को याद आता है,को पेड़ के नीचे तक उसे याद है,की अनुभव यहीं था उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है। हसीना की रूमाल पेड़ के नीचे मिलती है। सभी अनुभव की खोज में होते है। एपिसोड यहीं समाप्त हो जाता है।

भारत प्रहरी

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