Home राष्ट्रीय हरसिमरत कौर का कृषि विधेयक के विरोध में दिया इस्तीफा,एनडीए और अकाली...

हरसिमरत कौर का कृषि विधेयक के विरोध में दिया इस्तीफा,एनडीए और अकाली दल का गठबंधन बना रहेगा

155
हरसिमरत कौर
हरसिमरत कौर

हरसिमरत कौर का कृषि विधेयक के विरोध में दिया इस्तीफा,एनडीए और अकाली दल का गठबंधन बना रहेगा।शिरोमणि अकाली दल और एनडीए की मोदी सरकार की कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने दो कृषि विधेयक के विरोध में आज इस्तीफा दे दिया।

हरसिमरत कौर मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थी। उन्होंने संसद में पेश किए गए दो कृषि विधेयक के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपने पद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री से इस्तीफा दे दिया। शिरोमणि अकाली दल अपनी नेता हरसिमरत कौर के इस्तीफे के बाद भी एनडीए कि सरकार को अपना समर्थन देती रहेगी। आपको बता दे हरसिमरत कौर एनडीए सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिरोमणि अकाली दल की एक मात्र नेता थी।

उन्होंने ट्विटर पर ट्वीट करके अपने इस्तीफा देने की बात साझा कि,उन्होंने जानकारी साझा करते हुए कहा कि -“मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व।”

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखवीर सिंह बादल ने लोक सभा के चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि –  ‘‘शिरोमणि अकाली दल किसानों की पार्टी है और वह कृषि संबंधी इन विधेयकों का विरोध करती है.’’

इससे पहले उन्होंने संसद में लाए गए कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 पर विरोध करते हुए कहा कि उनकी पार्टी से सांसद और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर इस अध्यादेश के विरोध में अपना इस्तीफा पेश करेंगी।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखवीर सिंह बादल ने कहा कि इस विधयेक के कारण पंजाब के 20 लाख से अधिक किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े तकरीबन 20 लाख मजदूरों का नुक़सान होगा। शिरोमणि अकाली दल किसानों कि पार्टी है,वह किसानों के नुक़सान का समर्थन नहीं कर सकती है। इस लिए वह इस विधेयक का पुरजोर विरोध करती है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखवीर सिंह बादल ने बताया की उनकी पार्टी शिरोमणि अकाली दल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सबसे पुरानी पार्टी में से एक है। इस लिए वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की मोदी सरकार को अपना समर्थन देती रहेगी लेकिन इस विधेयक का विरोध करती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here