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2 जून,दो जून की रोटी के लिए उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षित बेरोजगारों ने मनाया ब्लैक डे

  • 2 जून,दो जून की रोटी के लिए उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षित बेरोजगारों ने मनाया ब्लैक डे
  • काली पट्टी और काला गमछा पहनकर रोजगार के प्रति सरकार की उदासीनता पर विरोध जताया।
  • कुछ डी एल एड प्रशिक्षितों ने मुंडन संस्कार करवाकर सरकार का किया जोरदार विरोध।

डी एल एड/बीटीसी एवं बीएड के बेरोजगार प्रशिक्षितों ने प्राथमिक शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए आज पूरे उत्तर प्रदेश और सोशल मीडिया पर ब्लैक डे मनाया। 10 से 12 लाख टीईटी तथा सीटेट पास अभ्यर्थी नई शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे है। हजारों पद इलरिक्त होने के बावजूद भर्ती नही की जा रही है। आज सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने सरकार का विरोध करते हुए #blackday_Release_UPPRT टैग किया और इसे ट्विटर जैसे प्लेटफार्म पर ट्रेंड कराया।

आज प्रयागराज में बहुत सारे प्रशिक्षितों ने ब्लैक डे मनाते हुए मुंडन संस्कार कराकर सरकार का विरोध किया। यह कार्य किसी के मृत्यु होने के पश्चात किया जाता है। सरकार ने 10 लाख से अधिक प्रशिक्षितों को अनाथ किया।

2 जून

इसके अतिरिक्त प्रयागराज समेत समस्त प्रदेश में काली पट्टी और कला गमछा बांधकर प्रशिक्षितों ने ब्लैक डे मनाया। युवाओं ने सरकार को चेतवानी दी,की यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने रोजगार की समस्या को दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएं,तो इसका खामियाजा आने वाले विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

बिगत चार वर्षों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का पूरा ध्यान प्रोपेगैंडा फैलाने पर रहा। जबकि सरकार के कार्यकाल का कुछ महीने ही शेष है,और कोरोना महामारी की भयावह स्तिथि भी बनी हुई है। ऐसे हालात को देखते हुए रोजगार सृजन की कोई  उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। इसीलिए युवाओं में योगी सरकार के विरुद्ध बड़ी संख्या में आक्रोश है। प्रशिक्षितों ने कहा की योगी सरकार ने 97000 प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए वादा किया था,लेकिन अब विज्ञापन जारी करने से मूकर रही है। दुसरी तरफ सरकार ने 10000 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की दिशा में कदम भी बढ़ा दिए है। प्रशिक्षितों ने सरकार के प्रोपेगैंडा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा की आखिर क्यों 2016 में विज्ञापित भर्तियों की परीक्षाएं आयोजित नही हो पाई। 

प्राथमिक विद्यालयों में सवालाख से ज्यादा प्रधानाचार्य के पदों को समाप्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों को भी समाप्त कर दिया गया तथापि पांच लाख से ज्यादा रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया का कोई पता नहीं है।

प्रशिक्षितों ने कहां अब रिक्त पदों पर विज्ञापन लाने के लिए आवश्यकता पड़ी तो हम सड़क पर उतरेंगे। मुख्य प्रशिक्षु पुनीत त्रिपाठी,अनंत पांडे,गयासुद्दीन अंसारी,रूपेश यादव,अभिषेक कुमार,शिवानद,सिद्धार्थ पांडे,रीता कुमारी,शिखा गुप्ता,विमला दुबे,प्रज्ञा त्रिपाठी,प्रिया नायक, उम्मेे कुलसुम,साधना सिंह,मनीषा शर्मा,उमेश चंद चौहान,अंकित कुमार,विशाल मिश्रा,योगेश कुमार,रंजना मौर्या,वरुण कुमार,नेहा कन्नौजिया,रविंद्र यादव,बृजेश यादव आदि शामिल रहे।

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