Rupesh Yadav : एंड्रॉयड जंक्शन यूट्यूब चैनल से मशहूर यूट्यूबर रूपेश यादव कहते हैं कि यदि आपके अंदर धैर्य, अपने काम के प्रति लगन और लगातार सार्थक प्रयास करने की क्षमता है, तो आप एक दिन अवश्य सफल होंगे। आइए पढ़ते हैं रूपेश यादव (Rupesh Yadav) से हुई बातचीत के संपादित अंश।

कौन हैं रूपेश यादव ?

रूपेश यादव (Rupesh Yadav) एक प्रसिद्ध यूट्यूबर हैं, जो यूट्यूब पर एंड्रॉयड जंक्शन नाम से चैनल संचालित करते हैं। उनके चैनल पर बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित जानकारियां साझा की जाती हैं। उनके चैनल पर 17 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।

रूपेश यादव का जन्म 5 अक्टूबर 1997 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री रामहरख यादव और माता का नाम श्रीमती रेशमा देवी है। उन्होंने वर्ष 2017 में गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2017 में ही डीएलएड (बीटीसी) में प्रवेश लिया और 2019 में यह कोर्स भी पूरा किया।

एंड्रॉयड जंक्शन को लेकर आपका अनुभव कैसा रहा?

रूपेश यादव (Rupesh Yadav) बताते हैं कि पिछले 3–4 वर्षों से उनका अनुभव बहुत अच्छा रहा है। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी जानकारी साझा करने के कारण उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार और विश्वास मिला है।

वह मानते हैं कि जब आप ईमानदारी से उपयोगी जानकारी लोगों तक पहुंचाते हैं, तो दर्शक अपने आप आपसे जुड़ जाते हैं।

आपने यूट्यूब को करियर के रूप में क्यों चुना?

रूपेश यादव (Rupesh Yadav) बताते हैं कि वर्ष 2016 में उन्हें पहली बार यह जानकारी मिली कि यूट्यूब के माध्यम से भी पैसे कमाए जा सकते हैं। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब को गंभीरता से समझना शुरू किया।

दिसंबर 2016 में उन्होंने एंड्रॉयड जंक्शन यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। शुरुआत में सब कुछ नया था, लेकिन धीरे-धीरे अनुभव बढ़ता गया और चैनल आगे बढ़ता चला गया।

आपके यूट्यूब चैनल की कमाई के मुख्य स्रोत क्या हैं?

रूपेश यादव (Rupesh Yadav) के अनुसार यूट्यूब से कमाई के तीन मुख्य स्रोत होते हैं। पहला—गूगल ऐडसेंस, जिसके जरिए विज्ञापनों से कमाई होती है।

दूसरा—स्पॉन्सरशिप, जिसमें किसी ब्रांड या कंपनी के साथ पेड पार्टनरशिप की जाती है। तीसरा—एफिलिएट मार्केटिंग, जिसके तहत ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के प्रोडक्ट्स प्रमोट किए जाते हैं।

उनके चैनल की अधिकतम कमाई गूगल ऐडसेंस के माध्यम से होती है, इसके बाद स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट मार्केटिंग से आय होती है।

चैनल को यहां तक पहुंचाने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?

रूपेश यादव बताते हैं कि शुरुआत में सबसे बड़ी समस्या परिवार को यूट्यूब प्लेटफॉर्म के बारे में समझाने की थी। उस समय यूट्यूब को करियर के रूप में गंभीरता से नहीं लिया जाता था।

इसके अलावा अच्छे माइक्रोफोन और स्टूडियो जैसी तकनीकी समस्याएं भी थीं, लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे सभी समस्याओं का समाधान होता गया।

COVID-19 का आपके करियर पर क्या असर पड़ा?

रूपेश यादव कहते हैं कि कोविड-19 महामारी का असर पूरी दुनिया पर पड़ा, लेकिन यूट्यूब के दृष्टिकोण से यह समय फायदेमंद साबित हुआ।

लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में रहकर मोबाइल के जरिए पढ़ाई और मनोरंजन करने लगे, जिससे यूट्यूब पर दर्शकों की संख्या बढ़ी और उनके करियर को भी फायदा मिला।

आपका रोल मॉडल कौन है?

रूपेश यादव बताते हैं कि वह कई यूट्यूबर्स से सीखते हैं, लेकिन उनके सबसे बड़े रोल मॉडल उनके दोस्त नीरज यादव हैं, जिनका यूट्यूब चैनल नीरज यादव के नाम से उपलब्ध है।

इसके अलावा वह माय स्मार्ट सपोर्ट यूट्यूब चैनल के होस्ट धर्मेंद्र सर को भी अपना रोल मॉडल मानते हैं।

यूट्यूब में करियर बनाने वालों को क्या सलाह देना चाहेंगे?

रूपेश यादव (Rupesh Yadav) युवाओं को सलाह देते हैं कि पढ़ाई छोड़कर सीधे यूट्यूब को करियर न बनाएं। कम से कम स्नातक तक की पढ़ाई पूरी करना जरूरी है।

यदि पढ़ाई के साथ खाली समय में यूट्यूब पर काम किया जाए और उस कैटेगरी को चुना जाए, जिसमें अच्छी जानकारी हो, तो यूट्यूब में करियर की पूरी संभावना है।

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